6 तरीके जिनसे आप अपने बच्चे की इम्युनिटी बढ़ा सकते है।

6 तरीके जिनसे आप अपने बच्चे की इम्युनिटी बढ़ा सकते है।

इंसानी शरीर में इम्यून सिस्टम उसका एक बड़ा ही महत्वपूर्ण हिस्सा है चाहे आप बड़े हो तब भी आपको विटामिन्स के ज़रिये इम्युनिटी बढ़ानी पड़ती है या आप एक शिशु हो तब भी आपके माता पिता को आपका ख्याल रखना पड़ता है।

पर एक शिशु की इम्युनिटी बेहतर करने के लिए वो कौनसे तरीके हो सकते है आज उन्ही के बारे में जानते है।

तो जानते है एक शिशु की इम्युनिटी को बेहतर करने के 6 तरीके।

फल और सब्जियों का सेवन

ज़्यादा सब्जियां और फल खाने से सफेद रक्त कोशिकाओं में बढ़ोतरी होती है जिससे शरीर में बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।

पालक, स्ट्रॉबेरी, संतरे आदि जैसी चीज़ें खाने से आपकी इम्युनिटी तेज़ी से बढ़ने लगती है।

ज़्यादा नींद लेना 

कम नींद लेने से बच्चो के शरीर में सफेद रक्त कोशिकाएं कम बनती है जिससे कि वो उन कोशिकाओं से नहीं लड़ पाती जो हमारे शरीर में हमला करती है या कैंसर कोशिकाएं बनाती है।

इसलिए अपने बच्चे को ज़्यादा सोने दे और उसे जल्दी सोने की आदत डालें पर आखिर एक बच्चे को कितनी नींद की ज़रूरत होती है?

एक शिशु को 16 घंटे की नींद ज़रूरी होती है वहीं 12 से 36 महीने के बच्चे को दिन में 11 से 14 घंटे की नींद की ज़रूरत होती है।

अगर बच्चा 3 से 5 साल का है तो उसे 10 से 13 घंटे की नींद की ज़रूरत होती है।

ब्रैस्ट फीडिंग कराना

ब्रैस्ट मिल्क (Breast milk) में कुदरती इम्युनिटी बढ़ाने वाले एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) और सफेद रक्त कोशिकाएं होती है जो बच्चे को संक्रमण, न्यूमोनिया, आदि से बचाती है।

एक अनुसंधान के मुताबिक ब्रैस्ट फीडिंग से आपके बच्चे की दिमाग की बेहतरी होती है और sudden infant death syndrome (SIDS) से बचाव होता है।

कसरत या गतिविधि बढ़ाना

बच्चे की कसरत और गतिविधियों को बढ़ाने से natural killer cells की संख्या बढ़ जाती है जो हमारे शरीर में उन कोशिकाओं को ख़त्म करने में मदद करते है जो हमारे शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बनाते है।

ये वयस्कों और छोटे बच्चो दोनों के लिए एक ही तरह काम करती है यानी बच्चो की गतिविधियों को बढ़ाने से भी उनका इम्यून सिस्टम बेहतर होने लगता है।

बच्चों को रोगाणु से बचाना 

इम्युनिटी बढ़ाने से ज़्यादा ज़रूरी है इम्युनिटी पर दबाव कम करना जो कि आपकी इम्युनिटी को कमज़ोर करता है।

अपने बच्चों को खाना खाने से पहले हाथ धोने की रोज़ाना आदत डालें।

साथ ही उन्हें बाहर से आकर हाथ और मुँह धोने की रोज़ाना आदत ज़रूर डालें ताकि गंदे bacteria खाने या पीने के ज़रिये  उनके शरीर में ना जा सके।

इससे बच्चो की इम्युनिटी पर दबाव कम पड़ता है और वो स्वस्थ रहते है।

अपने pediatrician को दवाईयों के लिए मजबूर ना करें

कुछ माता पिता अपने बच्चे के थोड़ा बीमार होने जैसे जुकाम, फ्लू या गले में खराश होने पर ये सोचकर अपने pediatrician से एंटीबायोटिक लिखने की गुज़ारिश करते है कि इससे बच्चे को कोई नुक्सान नहीं होगा।

पर वास्तव में इससे नुक्सान हो सकता है और ज़्यादातर बच्चो के डॉक्टर माता पिता के दबाव में आकर उनके बच्चों के लिए एंटीबायोटिक का नाम लिख कर दे देते है।